फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी ने बताया है कि ‘बंटवारा 1947’ के मेकर्स ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से UA रेटिंग लेने के बजाय ‘A’ (सिर्फ़ एडल्ट्स के लिए) सर्टिफिकेट लेना क्यों चुना।
इस फ़ैसले के बारे में बात करते हुए संतोषी ने कहा, “उन्होंने पहली स्क्रीनिंग में ही फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दे दिया। ‘UA’ सर्टिफिकेट पाने के लिए हमें कुछ कट करने पड़ते और एक और स्क्रीनिंग करवानी पड़ती। हो सकता है कि दूसरी स्क्रीनिंग में कुछ और बात सामने आ जाती।”
संतोषी ने समझाया, “इसलिए, हमने सोचा कि बिना किसी कट के ‘A’ सर्टिफिकेट ही मंज़ूर कर लेते हैं। उन्हें फिल्म इतनी पसंद आई कि एक भी फ्रेम नहीं काटा गया।”
‘बंटवारा 1947’ मशहूर नाटक ‘जिसने लाहौर नहीं देख्या, ओ जम्या ही नहीं’ पर आधारित है, जो 1947 में भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी है।
यह फिल्म सनी देओल की फ़िल्मों की लिस्ट में एक और एडल्ट-रेटेड रिलीज़ है। खबरों के मुताबिक, यह उनकी सातवीं ‘A’-सर्टिफाइड फिल्म है; इससे पहले ‘चैंपियन’, ‘फ़र्ज़’, ‘कर्ज़: द बर्डन ऑफ़ ट्रुथ’, ‘जाने दुश्मन’, ‘मोहल्ला अस्सी’ और ‘चुप: रिवेंज ऑफ़ द आर्टिस्ट’ जैसी फिल्में आ चुकी हैं।
आज़ादी के दिन वाले वीकेंड पर रिलीज़ होने वाली ‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल, प्रीति ज़िंटा, अभिमन्यु सिंह और अली फ़ज़ल जैसे कई कलाकार हैं। इस फिल्म में एकेडमी अवॉर्ड जीतने वाले म्यूज़िक कंपोज़र ए.आर. रहमान और मशहूर सिनेमैटोग्राफ़र संतोष सिवन भी साथ काम कर रहे हैं। आमिर खान द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म से करण देओल की एक्टिंग में वापसी भी हो रही है।
