एक चौंकाने वाली घटना में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोनाक्षी सिन्हा और ज़हीर इक़बाल अभिनीत आगामी हिंदी फीचर फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ की रिलीज़ पर रोक लगा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ को तब तक के लिए रोक दिया है, जब तक कि मुख्य निर्माता ‘एशेलॉन प्रोडक्शंस’ 8.85 करोड़ रुपये और उस पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की सुरक्षा राशि जमा नहीं कर देता।
19 अक्टूबर 2026 को, जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने ‘आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट, 1996’ (मध्यस्थता और सुलह अधिनियम) की धारा 9 के तहत यह अंतरिम आदेश पारित किया। यह फैसला सह-निर्माता ‘एंड मूवी प्रोडक्ट्स एलएलपी’ (AND Movie Products LLP) द्वारा दायर एक कमर्शियल प्रोटेक्शन याचिका के जवाब में आया है।
सह-निर्माता ‘एंड मूवी प्रोडक्ट्स’ ने कोर्ट में दावा किया कि उसने मार्च 2024 के एक सह-निर्माण समझौते (co-production agreement) के तहत 8.85 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उनका आरोप है कि तय समय-सीमा खत्म होने के बाद भी ‘एशेलॉन प्रोडक्शंस’ ने निवेश की रकम वापस नहीं की और अंततः एक सिक्योरिटी चेक भी बाउंस हो गया।
इस दलील को खारिज करते हुए, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रमोशन करने को वित्तीय दावों या कमर्शियल अधिकारों को छोड़ने के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने कहा: “किसी फिल्म की घोषणा को प्रमोट करने के लिए सहमत होना और अपना निवेश वापस पाने के संविदात्मक (contractual) अधिकार को छोड़ देने के लिए सहमत होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। इसी तरह, इंस्टाग्राम पर कोलैबोरेशन पोस्ट स्वीकार करने का मतलब यह नहीं है कि आपने कमर्शियल अधिकारों से जुड़े समझौते की शर्तों के लिए पहले से सहमति दे दी है। ये दोनों काम अलग-अलग हैं और इनका असर भी अलग हो सकता है।”
कोर्ट ने आगे कहा, “पक्षों का आचरण उनके समझौते को समझने में कोर्ट की मदद कर सकता है। लेकिन जब तक यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत न हों कि वे समझौते को बदलना चाहते थे, तब तक उनके इस आचरण का इस्तेमाल समझौते में लिखी गई किसी बाध्यता (obligation) को हटाने के लिए नहीं किया जा सकता।”
परिणामस्वरूप, कोर्ट ने ‘एशेलॉन प्रोडक्शंस’ को निर्देश दिया है कि वह फिल्म की रिलीज़ से पहले तीन कार्य दिवसों (working days) के भीतर 8.85 करोड़ रुपये जमा करे। इसके अलावा, कोर्ट ने प्रोडक्शन हाउस को यह भी आदेश दिया है कि वह तीसरे पक्ष (third-party) के साथ किए गए सभी कमर्शियल समझौतों का खुलासा करे और 48 घंटों के भीतर तय किए गए ‘प्रोड्यूसर क्रेडिट’ को बहाल करे।
