ज्वेलरी ब्रांड ‘Giva’ के लिए रक्षाबंधन के हालिया ऐड में बोल्ड नेकलाइन वाली मॉडर्न एथनिक ड्रेस पहनने के बाद चर्चा का केंद्र बनीं कृति सेनन ने आखिरकार इस पर चुप्पी तोड़ी है। ऐड के वायरल होने के तुरंत बाद, एक्टर-पॉलिटिशियन कंगना रनौत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे जानबूझकर अजीब बताया और पूछा, ‘आप बिकिनी/अंडरगारमेंट्स पहनकर अपने भाई को राखी क्यों बांधेंगी?’
इस बहस पर बात करते हुए और अपने कपड़ों के चुनाव को लेकर कंगना रनौत को अप्रत्यक्ष रूप से जवाब देते हुए, कृति ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कपड़े त्योहार का असली मतलब तय नहीं करते, बल्कि भावनाएं करती हैं: “त्योहारों का असली मतलब आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं, बल्कि परंपराओं के प्रति आपकी भावनाओं और उनके महत्व में होता है।”
रक्षाबंधन का त्योहार उनके लिए क्या मायने रखता है, इस बारे में बताते हुए कृति ने कहा, “रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा वैसे ही कर सकते हैं जैसे कोई भाई करता। हम एक-दूसरे की सेहत, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं। और हमारे लिए, यह प्रार्थना और वादा हमारे डॉग्स के लिए भी है! आखिरकार, वे भी परिवार का हिस्सा हैं!”
कृति ने तंज कसते हुए यह भी पूछा, “और हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए?? एथनिक फैशन में सालों में काफी बदलाव आया है, लेकिन फिर भी एक महिला के कल्चर के प्रति सम्मान को सिर्फ उसके कपड़ों से ही मापा जाता है!!”
आलोचना का जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं!”

इससे पहले कंगना रनौत ने कृति के वायरल रक्षा बंधन ऐड पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके कपड़ों के चुनाव का मज़ाक उड़ाया और कहा, “महिलाओं के लिए यह एक शानदार समय है, हमारी अलमारियाँ तरह-तरह के कपड़ों से भरी हुई हैं, आज की महिला ग्लोबल महिला है, कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली, जींस से लेकर साड़ी, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज़ तक – आज हमारे पास इतने सारे विकल्प मौजूद हैं, तो फिर आप बिकिनी या अंडरगारमेंट्स पहनकर अपने भाई को राखी क्यों बांधेंगी? आपके स्टाइलिंग के सारे विकल्प कहाँ गए? हा हा, यह ऐड जानबूझकर अजीब लग रहा है!”

हालांकि कई लोगों ने कृति को निशाना बनाया और कंगना के रुख का समर्थन किया, लेकिन कुछ लोगों ने एक्ट्रेस की ड्रेस पर हो रहे हंगामे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं, तब यही गुस्सा कहाँ चला जाता है।
